मध्य प्रदेश: कमलनाथ के मंत्री उमंग सिंघार ने किया ट्वीट कर कहा- यह राज्यसभा में जाने की लड़ाई है, बाकी आप सब समझदार हैं

भोपाल. (Fourth Eye News)  मध्यप्रदेश में सरकार को अस्थिर करने के प्रयासों के चलते गर्माई राजनीति के बीच वन मंत्री उमंग सिंघार का ट्वीट किया है। इसमें उन्होंने परोक्ष रूप से राज्य के एक बड़े नेता (दिग्विजय सिंह) पर निशाना साधा है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थक माने जाने वाले सिंघार ने ट्वीट में लिखा है ‘माननीय कमलनाथ जी की सरकार पूर्ण रूप से सुरक्षित है। यह राज्यसभा में जाने की लड़ाई है, बाकी आप सब समझदार हैं।’ इस ट्वीट के साथ उन्होंने मजाक करने वाली तीन स्माइली बनाई हैं।

उनके बयान पर प्रदेश भाजपा प्रवक्ता लोकेंद्र पाराशर ने रिट्वीट करते हुए कहा, “तमाचा है उन लोगों पर जो आरोप हमारे ऊपर लगा रहे थे…अब कांग्रेसी बताएं कि कमलनाथ जी की सरकार को “राजा” गिराना चाहता है या “महाराजा”।” उनका सीधा इशारा दिग्विजय सिंह और ज्योतिरादित्य सिंधिया पर है।

इसलिए मचा हुआ है घमासान 
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के 115 और भाजपा के 107 विधायक हैं, इसलिए राज्यसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस को एक-सीट मिलनी तय है। अभी तीन में से दो सीट भाजपा के पास है। इसलिए इस बार तीसरी सीट किस पार्टी के खाते में जाएगी, यह तय नहीं है। कहा जा रहा है कि इसलिए दिग्विजय सिंह चाहते हैं कि पार्टी उन्हें सुरक्षित सीट ही दे।

दूसरी सीट ज्योतिरादित्य सिंधिया को मिले। ताकि यदि राज्यसभा चुनाव में हॉर्स ट्रेडिंग हो भी तो उन पर कोई खतरा न हो। वहीं, भाजपा का भी कहना है कि कमलनाथ ज्योतिरादित्य सिंधिया को राज्यसभा भेजना चाहते हैं, जबकि दिग्विजय इससे नाराज हैं। इसलिए वह इस तरह के काम कर रहे हैं।

सार्वजनिक रूप से दिग्विजय पर लगाए थे गंभीर आरोप 
आदिवासी नेता व मंत्री सिंघार कुछ माह पहले उस समय चर्चाओं में आए थे, जब उन्होंने वरिष्ठ पार्टी नेता दिग्विजय सिंह के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आरोप लगाया था। यह मामला काफी तूल पकड़ा था और फिर मामला पार्टी की अनुशासन समिति भेजा गया था।

सीएम हाउस नहीं पहुंचे थे सिंधिया समर्थक मंत्री
मप्र में सियासी घमासान के बीच कांग्रेस सरकार के ज्यादातर मंत्री सीएम हाउस पहुंचकर कमलनाथ से मिले थे, लेकिन सिंधिया समर्थक मंत्री सीएम हाउस नहीं पहुंचे थे। इसमें मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, इमरती देवी, प्रद्युम्न सिंह तोमर, प्रभुराम चौधरी शामिल हैं।

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